फ्लिपकार्ट उतरा ई फार्मेसी व्यापार में, दे सकता है अमेज़न और रिलायंस को कड़ी टक्कर
ई फार्मेसी बिजनेस भारत में वर्तमान में अपने पैर पसारने की कोशिश कर रहा है। हालाँकि अभी इस बिजनेस सेगमेंट के लिए नियामकों द्वारा बड़े पैमाने पर काम किया जाना बाकी है फिर भी बाजार बड़े पैमाने पर वित्त पोषण के लिए तैयार है क्योंकि भारत ई फार्मेसी क्षेत्र में दुनिया के एक बड़े बाजार के रूप में देखा जा रहा है और यही कारण है कि इस क्षेत्र से संबंधित कंपनियां विलय और अधिग्रहण की कतार में साथ है। इसी कड़ी में शामिल होने वाला घरेलू ईकॉमर्स प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट है, जिसने आज (22 सितंबर) को अपनी ई फार्मेसी सुविधा लॉन्च की है।
फ्लिपकार्ट की ऑनलाइन फ़ार्मेसी होम्योपैथी, एलोपैथी और अन्य मेडिकल उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला की पेशकश करेगी, जो केवल 49 रूपये से शुरू होगी। इसके लिए फ्लिपकार्ट प्लेटफ़ॉर्म पर बालों की देखभाल के प्रोडक्ट्स(hair care products), प्रतिरक्षा बूस्टर (immunity boosters) मानसिक कल्याण और सामान्य कल्याण उत्पाद (Mental wellness and general wellness products) और स्किनकेयर (Skincare) उत्पादों के साथ अन्य उत्पाद लिस्ट किये गए है।
फ्लिपकार्ट इस वेंचर के लिए फार्मइजी (PharmEasy) स्टार्टअप कंपनी के साथ साझेदारी करना चाह रही थी। फ्लिपकार्ट के सीईओ कल्याण कृष्णमूर्ति ने फार्मइजी (PharmEasy) की संस्थापक टीम के धर्मिल शेठ के नेतृत्व में कई दौर की चर्चा करी थी।
हालाँकि, फ्लिपकार्ट इस सौदे को लेकर थोड़ा सतर्क था क्योंकि भारत में ई फार्मेसी पर अब तक कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं आये हैं। वॉलमार्ट के स्वामित्व वाला ईकॉमर्स प्लेटफॉर्म सेवा को शुरू करने से पहले सभी कानूनी ढांचे के बारे में सुनिश्चित होना चाहता है और पारंपरिक केमिस्ट बिजनेस के साथ किसी भी टकराव से बचने के लिए सभी कानूनी प्रक्रियाओं को समझ रहा है । इस साझेदारी के अलावा फ्लिपकार्ट कथित तौर पर इस बिजनेस के लिए एक आंतरिक टीम का गठन भी कर रहा है।

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इस बीच फार्मइजी (PharmEasy) अपनी प्रतिद्वंदी ई फार्मेसी कंपनी स्टार्टअप मेडलाइफ (Medlife) के साथ विलय पर नजर गड़ाए हुए है ताकि एक मूल्यांकन के बाद एक संयुक्त इकाई कंपनी बनायी जा सके। कंपनी ने इस पर प्रतिस्पर्धा आयोग (Competition Commission of India) की मंजूरी की भी मांग की है। सूत्रों के हवाले से यह जोड़ी एक विलय सौदे के लिए बातचीत कर रही है जिसका मूल्य 200 मिलियन डॉलर से 250 मिलियन डॉलर है।
यहां तक कि फ्लिपकार्ट की प्रतिद्वंद्वी अमेज़ॅन ने फार्म अमेज़न फार्मेसी ’नाम से अपनी ऑनलाइन फ़ार्मेसी सेवा शुरू की है। ऑनलाइन फ़ार्मेसी को पहले बेंगलुरु में संचालित किया जाएगा और बाद में अन्य शहरों में विस्तारित किया जाएगा। वही रिलायंस रिटेल ने एक और ई फार्मेसी स्टार्टअप नेटमेड्स (NetMeds) का अधिग्रहण 83 मिलियन डॉलर में किया है। इस अधिग्रहण के साथ, मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली कंपनी को नेटमेड्स का 100% इक्विटी स्वामित्व मिल गया है।
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