नगर निगम ऑफिस में ही अवधिपार अग्निशमन यन्त्र,पूरा अग्नि शमन विभाग लापरवाह !
उदयपुर नगर निगम के पास शहर भर की इमारतों और बाज़ारो को आग से बचाने की जिम्मेदारी है जिसे ये बखूबी निभा भी रहा है। शहर के कई मॉल ,व्यवसायिक बिल्डिंग और अस्पताल का अग्निशमन मॉक ड्रिल सिर्फ कागजो में हो रहा है और अधिकारी कागज़ी खाना पूर्ति कर खुश किये जा रहे है।
नगर निगम की अपनी बिल्डिंग में महापौर ऑफिस वाली लाइन में कई अग्निशमन यन्त्र 2 साल से पुराने है और कई पर तो एक्सपायरी और अन्य डिटेल्स तक नहीं है। आग लगने की स्थिति में ये यन्त्र कितने मददगार होंगे ये तो नगर निगम का अग्नि शमन विभाग या वक़्त ही बता सकता है।
अभी हाल में दुर्गा नर्सरी रोड पर हुए अग्नि कांड में नगर निगम के अग्नि शमन विभाग की मशीनो और पाइप्स की घटिया हालत से सभी दो चार हो चुके है। मजे कि बात ये कि शहर में 17 मंजिलो की इमारतों को नगर निगम ने स्वीकृति दे दी लेकिन नगर निगम उदयपुर का अग्निशमन विभाग की मशीने सिर्फ 6 मंज़िल तक ही अपनी पहुँच बता सकती है। पता नहीं कैसे इतनी ऊँची रिहायशी इमारतों को मंजुरी दे दी गयी जब नगर निगम उदयपुर आग लगने की स्थिति में वहाँ कोई मदद तक नहीं पहुँचा सकता है।
शहर भर में 650 से ज्यादा इमारतों के अग्नि शमन के इंतज़ामात को परखने की जरुरत है। नगर निगम के अग्नि शमन विभाग के पास ऐसी हर इमारत की कंप्लायंस रिपोर्ट होनी चाहिए लेकिन यहाँ सब यूही अंदर खाने चल रहा है। अग्नि शमन विभाग के अफसर कितनी मुस्तैदी से इंस्पेक्शन कर रहे है ये सभी जानते है। सनद रहे ये पब्लिक है ये सब जानती है।