Breaking News

Dr Arvinder Singh Udaipur, Dr Arvinder Singh Jaipur, Dr Arvinder Singh Rajasthan, Governor Rajasthan, Arth Diagnostics, Arth Skin and Fitness, Arth Group, World Record Holder, World Record, Cosmetic Dermatologist, Clinical Cosmetology, Gold Medalist

Current News / राजीविका की बहुआयामी गतिविधियों में प्रभावी कन्वर्जेंस से महिलाओं को मिलेगा व्यापक लाभ ग्रामीण विकास शासन सचिव की अध्यक्षता में विभागीय योजनाओं को राजीविका से जोड़ने पर मंथन 25 लाख लखपति दीदी के लक्ष्य को साकार करने के लिए प्रभावी कन्वर्जेंस

राजीविका की बहुआयामी गतिविधियों में प्रभावी कन्वर्जेंस से महिलाओं को मिलेगा व्यापक लाभ ग्रामीण विकास शासन सचिव की अध्यक्षता में विभागीय योजनाओं को राजीविका से जोड़ने पर मंथन 25 लाख लखपति दीदी के लक्ष्य को साकार करने के लिए प्रभावी कन्वर्जेंस
Dinesh Bhatt August 18, 2026 09:48 PM IST
जयपुर, 20 अगस्त। ग्रामीण विकास विभाग के शासन सचिव श्री कृष्ण कुणाल की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) से संबंधित सभी विभागों की कन्वर्जेंस बैठक आयोजित हुई। बैठक में राजीविका की विभिन्न गतिविधियों एवं विभिन्न विभागों की योजनाओं के बीच प्रभावी समन्वय के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आय एवं आजीविका के अवसर बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में राज्य के 25 लाख लखपति दीदी के लक्ष्य की दिशा में सम्बन्धित विभागों के साथ प्रभावी कन्वर्जेंस के माध्यम से 6,78,461 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को लखपति दीदी के रूप में विकसित करने के रोडमैप पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। श्री कुणाल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय योजनाओं का लाभ राजीविका से जुड़ी महिलाओं और उनके स्वयं सहायता समूहों तक प्रभावी एवं समयबद्ध रूप से पहुंचाने के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य किया जाए।
 
कृषि एवं पशुपालन गतिविधियों से आजीविका संवर्धन
 
बैठक में कृषि विभाग से संबंधित कन्वर्जन्स के अंतर्गत नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग में 2,666 कृषि सखियों की सहभागिता, नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत 50 ड्रोन दीदियों के प्रशिक्षण, राजस्थान स्टेट सीड कॉरपोरेशन के साथ 10 एफपीओ के माध्यम से प्रमाणित बीज उत्पादन तथा मसाला एवं मिलेट आधारित उद्यमों के प्रशिक्षण पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही राजीविका एफपीओ के माध्यम से बीज, उर्वरक एवं कीटनाशकों की आपूर्ति तथा जैविक खेती के प्रमाणीकरण को प्रोत्साहित करने के प्रस्ताव पर भी विचार हुआ। पशुपालन क्षेत्र में पशु सखियों को मंगल पशु बीमा योजना से जोड़ने, ए-हेल्प प्रशिक्षण में तेजी लाने, स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित मिल्क कलेक्शन सेंटर, बकरी एवं ऊंट आधारित वैल्यू चेन तथा मत्स्य उत्पादक समूहों के विस्तार पर भी चर्चा की गई। श्री कुणाल ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को इन सभी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से लागू करने और प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग, प्रमाणन, खरीद एवं बाजार उपलब्ध कराने की व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि राजीविका की महिलाओं की आय में वृद्धि हो सके।
 
राजसखी उत्पादों के लिए संस्थागत खरीद और व्यापक बाजार उपलब्ध कराने पर जोर
 
बैठक में सहकारिता, देवस्थान एवं पर्यटन विभागों के साथ कन्वर्जन्स के माध्यम से राजीविका के उत्पादों के लिए स्थायी बाजार उपलब्ध कराने पर भी विस्तार से चर्चा की गई। सहकारिता विभाग के उपहार स्टोर्स में स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री, राजसखी एवं सहकारी विभाग/कॉनफेड की को-ब्रांडिंग तथा राजफेड के माध्यम से मसाले, दालें, जीरा, धनिया, इसबगोल एवं मिलेट उत्पादों की खरीद पर विचार किया गया। देवस्थान विभाग के अंतर्गत मंदिरों से फूल एकत्र कर अगरबत्ती, गुलाल एवं अन्य पर्यावरण अनुकूल उत्पाद तैयार करने, मंदिरों में राजसखी आउटलेट स्थापित करने तथा धर्मशालाओं में स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की संस्थागत खरीद का प्रस्ताव भी चर्चा में रहा। पर्यटन विभाग के अंतर्गत पर्यटन स्थलों पर राजसखी स्टोर-कैफे, पर्यटन होटलों में उत्पादों की खरीद, पर्यटन सखियों की तैनाती, प्रमुख मेलों में स्वयं सहायता समूहों को प्राथमिकता तथा ब्लू पॉटरी, कशीदाकारी, टाई-डाई, ब्लॉक प्रिंटिंग एवं कोटा डोरिया जैसे शिल्पों के क्लस्टर विकसित करने पर भी चर्चा हुई। श्री कुणाल ने संबंधित अधिकारियों को इन प्रस्तावों पर प्रभावी रूप से विचार कर राजीविका बहनों एवं उनके समूहों को व्यापक बाजार और नियमित मांग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
 
शिक्षा, गृह, जनजाति, पंचायती राज एवं उद्योग विभागों से अवसर बढ़ाने पर चर्चा
 
श्री कृष्ण कुणाल ने शिक्षा, गृह, जनजाति क्षेत्र विकास, पंचायती राज, महिला एवं बाल सशक्तीकरण, उद्योग तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभागों के साथ कन्वर्जन्स के बिंदुओं पर भी विस्तार से चर्चा की। शिक्षा विभाग के विद्यालयों, छात्रावासों एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में खाद्य सामग्री, लिनेन, साबुन, स्टेशनरी आदि की आपूर्ति; गृह विभाग के पुलिस अकादमी एवं प्रशिक्षण केंद्रों में राजीविका कैंटीन तथा स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की आपूर्ति; जनजाति क्षेत्र विकास विभाग के 541 छात्रावासों में संस्थागत खरीद एवं 517 वन धन विकास केंद्रों को राजीविका द्वारा मेंटरिंग; पंचायती राज विभाग में 623 श्री अन्नपूर्णा रसोइयों, सोलर दीदियों, स्वच्छता सखियों एवं बर्तन बैंक के विस्तार पर विचार किया गया। महिला एवं बाल सशक्तीकरण विभाग के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित सैनिटरी नैपकिन की आपूर्ति बढ़ाने तथा उद्योग विभाग के अंतर्गत RAMP प्रशिक्षण, उद्यम पंजीकरण, ऋण सुविधा, मेले-प्रदर्शनियों, बायर-सेलर मीट एवं बाजार संपर्क को मजबूत करने के बिंदुओं पर भी चर्चा हुई। श्री कुणाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन योजनाओं में राजीविका स्वयं सहायता समूहों की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करते हुए उन्हें रोजगार एवं आय के स्थायी अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
 
स्वास्थ्य, जल एवं ऊर्जा क्षेत्र में नई भूमिकाओं से महिला सशक्तीकरण
 
बैठक में सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, जल संसाधन विभाग तथा ऊर्जा विभाग से संबंधित कन्वर्जन्स प्रस्तावों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। जल जीवन मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को जल सखी के रूप में बिलिंग, मीटर रीडिंग, घरेलू सर्वेक्षण एवं जल गुणवत्ता निगरानी से जोड़ने, अस्पतालों में राजीविका कैंटीन, स्वास्थ्य सखी, लॉन्ड्री एवं जनरल स्टोर, योग सत्र तथा प्रशिक्षित महिला सदस्यों को अस्पताल आधारित बेबीसिटिंग सेवाओं से जोड़ने के प्रस्ताव पर विचार हुआ। जल संसाधन विभाग के साथ कन्वर्जन्स के माध्यम से 24 जिलों के 1,000 गांवों में 10,000 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को लखपति दीदी के रूप में विकसित करने तथा फल, सब्जी एवं मसाला फसलों के प्रदर्शन के माध्यम से आजीविका सृजन पर चर्चा की गई। ऊर्जा विभाग के अंतर्गत 25,000 सोलर दीदियों की पहचान तथा सोलर प्लेट एवं पैनल के रखरखाव और नियमित संचालन में उनकी सहभागिता पर भी मंथन हुआ। श्री कुणाल ने संबंधित अधिकारियों को इन सभी कन्वर्जन्स गतिविधियों को कुशलतापूर्वक लागू करने के निर्देश दिए। बैठक में राज्य मिशन निदेशक, राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) सुश्री प्रियंका गोस्वामी भी उपस्थित रहीं। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रभावी कन्वर्जन्स के लिए आवश्यक समन्वय एवं कार्यवाही सुनिश्चित करने के महत्वपूर्ण निर्देश दिए, ताकि विभागीय योजनाओं का वास्तविक लाभ राजीविका की बहनों एवं उनके स्वयं सहायता समूहों तक समयबद्ध रूप से पहुंच सके। बैठक में सभी संबंधित विभागों के आला अधिकारी उपस्थित रहे।
 
  • fb-share
  • twitter-share
  • whatsapp-share

Disclaimer : All the information on this website is published in good faith and for general information purpose only. www.newsagencyindia.com does not make any warranties about the completeness, reliability and accuracy of this information. Any action you take upon the information you find on this website www.newsagencyindia.com , is strictly at your own risk
#

RELATED NEWS