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clean-udaipur वीडियो : देखिए कैसे सूखा नाला भर देता है गोवर्धन सागर झील को !
News Agency India September 01, 2020 08:20 PM IST

वीडियो : देखिए कैसे सूखा नाला भर देता है गोवर्धन सागर झील को !

गोवर्धन सागर में समा रहा नालियों,डेरी और इंडस्ट्रियल अपशिस्ट, बड़बड़ेश्वर से सूखा नाला आगे भरता झील को !

उदयपुर झीलों की नगरी है और पर्यटन का आधार भी यही झीलें है। लेकिन इन झीलों की उदयपुर में जो दुर्गति हो रही है वो किसी से छुपी नहीं है और इन झीलों के अस्तित्व पर संकट बराबर बना हुआ है।
चाहे पिछोला में सीवर लाइन्स का लिकेज हो अथवा नालियों का पानी सीधा झीलों में गिरने का मुद्दा हो , स्थानीय प्रशाषन के पास झीलों को बचाने का कोई ठोस प्लान नज़र नहीं आता। अब तक सिर्फ पिछोला में सीवर और अपशिष्ट गिरने की खबरे आयी थी लेकिन शहर के गोवर्धन सागर की कहानी ऐसी है जिसे देखकर आपको न केवल रोष होगा बल्कि दुख भी।

आपको बताते चले कि गोवर्धन सागर में मुख्य रूप से पानी के दो इन्टेक है जिसमे एक छोटी नहर पिछोला से आती है जिसे जलबुर्ज के आगे सलुस गेट से जोड़ा गया है और इस तरह गोवर्धन सागर के पानी का लेवल पिछोला से जुड़ जाता है।दूसरा इन्टेक बड़बड़ेश्वर का बरसाती नाला है जिससे पानी गोवर्धन सागर में पहुँचता है।

लेकिन खेद की बात ये है कि गोवर्धन सागर की पहाड़ियों की तलहटी में बसी कॉलोनियों और मकानों के अपशिष्ट की नालिया सीधे इस नाले में खोल दी गई है। कहानी यही खत्म नहीं होती क्योंकि गोवर्धन विलास ट्रांसपोर्ट नगर के पीछे की कॉलोनियों की नालियों का पानी भी इसी नालें में गिरता है। आगे स्मार्ट सिटी उदयपुर की स्मार्ट सड़क की नालियों का आउटलेट भी इसी नालें में पुलिया के पास खोल दिया गया है। स्मार्ट सिटी की स्मार्ट सड़क का काम फिलहाल जारी है लेकिन किसी अधिकारी ने नालियों के आउटलेट को झील में खोलने पर अब तक आपत्ति दर्ज नही है और झील में नालियों के पानी का गिरना जारी है।

हद तो ये है कि सरस डेरी से एक आउटलेट पाइप गोवर्धन विलास झील में गिरता है और झील के पानी में अपना योगदान देता है।

कुल मिलाकर गोवर्धन सागर झील के इन्टेक क्षेत्र में बसी कॉलोनियों में नालियों का सिस्टम सही नहीं होने से और प्रशासनिक सुस्ती के कारण गोवर्धन सागर झील में तरह तरह का अपशिष्ट गिरता रहता है। यहाँ ये बात भी ध्यान देने योग्य है कि उदयपुर की झीलें आपस मे जुड़ी हुई है और आशंका है कि कहीं गोवर्धन सागर का अपशिस्ट युक्त पानी बैक फ्लो हो कहीं पिछोला में नही जाता हो !

यही कारण रहा होगा कि 27 जून 2020 की बारिश में आने वाले औद्योगिक और घरेलू अपशिस्ट युक्त पानी आने के कारण गोवर्धन सागर में हज़ारों मछलियों की एक दिन में ही मौत हो गयी थी। इस अंदेशे की पुष्टि यहाँ घूमने आने वाले लोगों ने भी की थी।

इस गंदगी युक्त पानी के कारण ही गोवर्धन सागर के पानी का रंग काला है और झील का पारिस्थिकी तंत्र खत्म होता चला जा रहा है।

 

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