जयपुर 19 नवम्बर। पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा ने बुधवार को पुलिस मुख्यालय सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अपराध समीक्षा बैठक ली।
इस बैठक में डीजी लॉ एंड आर्डर श्री संजय अग्रवाल, डीजी स्पेशल ऑपरेशन श्री आनंद श्रीवास्तव, अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी व वीसी के माध्यम से जयपुर व जोधपुर पुलिस आयुक्त, समस्त रेंज महानिरीक्षक, समस्त पुलिस आयुक्त और समस्त पुलिस अधीक्षक मय जीआरपी शामिल हुए।
महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश में अपराधों में गिरावट आई है पर अब हमें ऑर्गेनाइज्ड क्राइम के विरुद्ध सख्ती से कार्रवाई करने की जरूरत है ताकि हर तरह की गैंगों को जड़ से खत्म किया जा सके।
उन्होंने धमकी देकर वसूली करने वाली गैंगों के सभी सदस्यों का डोजियर बनाकर उनके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई करने और नवीन आपराधिक कानूनों में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इनकी संपत्तियों को जब्त करने के निर्देश दिए।
इसी तरह नशे का कारोबार करने वालों के विरुद्ध एनडीपीएस और बीएनएस का इस्तेमाल करते हुए अपने क्षेत्रों में नशे का कारोबार पूरी तरह बंद कराने का आदेश दिया।
इस उच्च स्तरीय बैठक में न केवल पिछले दस महीनों, जनवरी से अक्टूबर, 2025 तक प्रदेश में अपराधों की स्थिति, अपराध नियंत्रण के लिए की गई कार्यवाही व अर्जित उपलब्धियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में डीजीपी श्री शर्मा ने राज्य में संगठित अपराधों पर कार्रवाई करने, कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने, साइबर अपराधों की रोकथाम, अवैध मादक पदार्थों व अवैध हथियारों पर सख्त कार्रवाई करने, सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए फोर व सिक्स लेन ड्राइविंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि हाल ही में देश में हुई घटनाओं को देखते हुए प्रदेश में पूरी सतर्कता बरती जाए। आसूचना तंत्र को सक्रिय रखते हुए संदिग्धों की पहचान की जाए और उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। यह स्पष्ट होना चाहिए कि आतंकवादियों को समर्थन और सहयोग देने वाली किसी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देशित किया कि क्षेत्र में कानून एवं सुरक्षा से संबंधित किसी भी प्रकार की घटना होने पर तत्काल डीजी लाॅ एंड ऑर्डर व संबंधित अधिकारियों को सूचित करें ताकि समय पर शीर्ष स्तर से अपेक्षित सहयोग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा सके।
डीजीपी श्री शर्मा ने आसूचना तंत्र सशक्त करने की आवश्यकता जताते हुए आधुनिक तकनीकों के अधिकाधिक प्रयोग से अपराध नियंत्रण की दिशा में कार्य करने की बात कही।
प्रदेश में हुई आपराधिक घटनाओं पर उन्होंने संबंधित रेंज आईजी व एसपी से की गई कार्रवाई के बारे में भी जानकारी ली और महत्वपूर्ण निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार की शिकायतों पर जीरो टोलरेंस की प्रतिबद्धता को दोहराया।
उन्होने पुलिस अधिकारियों को अंतरजिला और अंतर्विभागीय समन्वय के साथ निरंतर कार्रवाई करने, अपनी कार्रवाई के लिए विभिन्न प्रकरणों को ध्यान में रखते हुए साप्ताहिक व मासिक एजेंडा बनाकर लगातार कार्रवाई करने को कहा।
वीसी में विभाग से संबंधित न्यायालयों में लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। ऐसे प्रकरणों में प्रत्येक जिले के द्वारा समय पर जवाब पेश करने और नियमानुसार निर्धारित समय सीमा में न्यायिक आदेशों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। डीजीपी ने ई-साक्ष्य और ई-सम्मन की क्रियान्विति को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया ।
टूरिस्ट सीजन में पर्यटकों को मिले सुविधाएं —
डीजीपी श्री शर्मा ने कहा कि मार्च तक प्रदेश में टूरिस्ट सीजन है। ऐसे में पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं व सहयोग देने के लिए पुलिस की तरफ से प्रतिबद्धता दिखाई जाये।
उन्होंने सीसीटीवी कवरेज को बढ़ाने के लिए शहरी क्षेत्र, बॉर्डर एरिया, व महत्वपूर्ण रोड पर अधिक से अधिक कैमरा लगवाने की कार्ययोजना और उस पर कार्य करने पर बल दिया।
सुगम यातायात और सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए डीजीपी ने पुलिस अधिकारियों को राष्ट्रीय राजमार्गों पर लेन सिस्टम का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया। साथ ही तेज गति, शराब पीकर वाहन चलाने और अवैध पार्किंग जैसे उल्लंघनों के खिलाफ सख्त प्रवर्तन कार्रवाई करने को कहा ।
बैठक में वर्ष 2025 में कॉन्स्टेबल के 10,000 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया को गति देने का निर्देश दिया गया, जिसके तहत लिखित परीक्षा का परिणाम शीघ्र जारी किया जाएगा और सफल अभ्यर्थियों की पीईटी/पीएसटी शीघ्र आयोजित करने की तैयारी शुरू की जाएगी।
एडीजी अपराध शाखा श्री हवासिंह ने समस्त अपराधों में कमी लाने के लिए कार्यवाही की प्रतिबद्धता जताते हुए बैठक सधन्यवाद समाप्त की।