वीडियो : उदयपुर में फैला डेंगू ,बचा लीजिये अपने परिवार वालों को !
डेंगू !! नाम ही हमें मौत से डराता है। क्या यह डर जायज है? दुर्भाग्य से कुछ हद तक हाँ। यह साधारण बुखार के रूप में प्रकट होता है लेकिन झटके के साथ रक्तस्रावी बुखार में बदल जाता है जो शायद समय पर इलाज न होने पर ओर घातक हो जाता है । यह बीमारी एडीज मच्छर के काटने से फैलती है और यह एक आर्बोवायरस के कारण होता है।
उदयपुर में डेंगू महामारी के तौर पर फ़ैल रहा है और स्थानीय प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है। ज्यादातर रोगी शहरी इलाकों से आ रहे है और सरकारी अस्पताल में डॉक्टर शुरुआत में वायरल और मलेरिया का उपचार कर रहे है और डेंगू की जाँच भी संदेह के घेरे में है।
न्यूज़एजेंसीइंडिया के वरिष्ठ सहयोगी ने जब 30 दिन पहले स्थानीय प्रशाशन को डेंगू और मलेरिया से बचने के लिए फॉगिंग करने के लिए कहाँ तो नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि CMHO के निर्देशन में निगम फॉगिंग करवा रहा है और वार्डवार फॉगिंग के लिए दिन तय कर दिए गए है। वही CMHO साहब इतने व्यस्त थे कि उन्हें अपने फ़ोन उठाने का ही टाइम नहीं था।
बरहाल फॉगिंग के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर दी गयी और उदयपुर शहर के अधिकांश इलाकों में फॉगिंग ही नहीं करवायी गयी और नतीजा सबके सामने है। फिलहाल उदयपुर शहर के कुछ बच्चों सहित अन्य लोग डेंगू का इलाज़ उदयपुर और अहमदाबाद के अस्पतालों में करवा रहे है।
डेंगू के लक्षण :
- 3 से 7 दिनों के लिए बुखार
- आँखों के पीछे तेज सिरदर्द और दर्द
- मांसपेशियों और जोड़ों का दर्द
- भूख में कमी
- उल्टी और दस्त
- त्वचा के लाल चकत्ते
- रक्तस्राव, आमतौर पर नाक या मसूड़ों से।
आपको बताते चले कि डेंगू से संक्रमित होने और लक्षणों के दिखने के बीच का समय 3 दिन से 14 दिन हो सकता है।