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News Agency India August 02, 2021 10:58 AM IST

दिल्ली और पश्चिम बंगाल द्वारा भी ‘एक देश, एक राशन कार्ड’ (ओएनओआरसी) योजना की लागू

'मेरा राशन' ऐप के 12 मार्च 2021 को लॉन्च होने के बाद से, गूगल प्ले स्टोर पर इसके 15 लाख से अधिक डाउनलोड दर्ज किए गए हैं। इस ऐप को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के लाभार्थियों, विशेष रूप से प्रवासी लाभार्थियों, को राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी का अधिकतम लाभ पहुंचाने के लिए ‘एक देश, एक राशन कार्ड (ओएनओआरसी) योजना के तहत लॉन्च किया गया था।

इस ऐप को विभाग द्वारा केन्द्रीय एनआईसी यूनिट के तकनीकी सहयोग से विकसित किया गया है। इसमें टीपीडीएस / ओएनओआरसी से जुड़ी कई उपयोगी जानकारी और सुविधाएं प्रदान की गई हैं। बेहतर पहुंच और अधिकतम लाभ की सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से, यह ऐप 12 भाषाओं - अंग्रेजी, हिंदी, उड़िया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, उर्दू, गुजराती, मराठी और बांग्ला - में उपलब्ध है।

एंड्रॉयड का इस्तेमाल करने वाले लोग इस ऐप को गूगल प्ले स्टोर से मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं। यह ऐप लाभार्थियों को निम्नलिखित मुख्य विशेषताएं/सेवाएं प्रदान करता है:  

केंद्रीय स्तर से इस ऐप को बढ़ावा देने के अलावा, सभी राज्यों / केन्द्र - शासित प्रदेशों से इस मोबाइल ऐप के बारे में व्यापक प्रचार करने और जागरूकता फैलाने का भी अनुरोध किया गया है। इस ऐप की परिकल्पना ओएनओआरसी के तहत पोर्टेबिलिटी संबंधी लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए की गई है, क्योंकि यह एप्लिकेशन प्रवासी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के लाभार्थियों के लिए आसानी से उनकी पात्रता संबंधी विवरण, उनके हाल के लेनदेन के विवरण, आधार सीडिंग की स्थिति और राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी के लिए पात्रता की जांच करने के अलावा ओएनओआरसी के लिए स्वैच्छिक पंजीकरण भी करा सकने की दृष्टि से बेहद उपयोगी है। निकटतम उचित मूल्य की दुकान का पता लगाने की सुविधा के माध्यम से, प्रवासी लाभार्थी आसानी से नए क्षेत्र में दुकानें ढूंढ सकते हैं और खाद्यान्न संबंधी लाभ प्राप्त करने के लिए निकटतम उचित मूल्य की दुकान तक पहुंचने के लिए मानचित्र का अनुसरण कर सकते हैं।

‘एक देश, एक राशन कार्ड’ (ओएनओआरसी) के तहत, जोकि दिसंबर 2020 तक 32 राज्यों / केन्द्र - शासित प्रदेशों में सफलतापूर्वक चल रहा था, अब दो और राज्यों / केन्द्र - शासित प्रदेशों-दिल्ली और पश्चिम बंगाल में अगस्त 2021 तक चालू हो गया है, जिससे लगभग 75 करोड़ लाभार्थियों (लगभग 94.3 प्रतिशत एनएफएसए आबादी) को कवर करते हुए इस योजना का विस्तार अब 34 राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों में हो गया है। शेष दो राज्यों-असम और छत्तीसगढ़ को अगले कुछ महीनों में ओएनओआरसी के तहत एकीकृत करने के लिए लक्षित किया गया है।

इसके अलावा वर्तमान में इच्छित लाभार्थियों, ज्यादातर प्रवासी, को लचीलेपन के साथ कहीं भी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत मिलने वाले सब्सिडी वाले खाद्यान्न वितरित करने के तहत राज्यों/ केन्द्र - शासित प्रदेशों में मासिक रूप से औसतन लगभग 2.2 करोड़ पोर्टेबिलिटी से जुड़े लेनदेन (अंतर/अंतरा-राज्य और पीएम-जीकेएवाई से संबंधित खाद्यान्नों के लेनदेन सहित) लगातार दर्ज किए जा रहे हैं।   

‘एक देश, एक राशन कार्ड’ (ओएनओआरसी) एक महत्वाकांक्षी योजना है और यह विभाग द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 (एनएफएसए) के तहत कवर किए जाने वाले सभी लाभार्थियों, चाहे वो देश में भौतिक रूप से कहीं भी रह रहे हों, को सब्सिडी वाली खाद्य-सुरक्षा संबंधी पात्रताओं का निर्बाध वितरण सुनिश्चित करने का एक प्रयास है।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य एनएफएसए के सभी लाभार्थियों को उनके मौजूदा राशन कार्ड की पोर्टेबिलिटी के जरिए किसी भी ईपीओएस (इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ सेल डिवाइस) समर्थित उचित मूल्य की दुकान से खाद्यान्न उठाने के समय बायोमेट्रिक/आधार प्रमाणीकरण के साथ अपने सब्सिडी वाले खाद्यान्न (आंशिक या पूर्ण) को निर्बाध रूप से उठाते हुए देश में कहीं भी अपनी खाद्य सुरक्षा के मामले में आत्मनिर्भर होने के लिए सशक्त बनाना है। इसके अलावा, उनके परिवार के सदस्य भी वापस अपने घरों पर उसी राशन कार्ड पर शेष बचे हुए / अपनी जरूरत भर खाद्यान्न की अपनी आवश्यकता उठा सकते हैं।

इसके अलावा, प्रवासियों को सशक्त बनाने की ओएनओआरसी की क्षमता के कारण, यह योजना अब "आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत प्रधानमंत्री के प्रौद्योगिकी संचालित प्रणालीगत सुधार" का भी हिस्सा बन गई है।

देश में टीपीडीएस संचालन के एंड-टू-एंड कम्प्यूटरीकरण के तहत पीडीएस सुधारों को अगले स्तर पर ले जाने के क्रम में, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने अप्रैल 2018 से 'सार्वजनिक वितरण प्रणाली का एकीकृत प्रबंधन (आईएम-पीडीएस)' नामक एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना के एक अभिन्न अंग के रूप में एनएफएसए के तहत राशन कार्डों की राष्ट्रव्यापी पोर्टेबिलिटी के लिए एक प्रौद्योगिकी संचालित सुधार का कार्यान्वयन शुरू किया था। यह योजना 127.30 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ लागू की जा रही है और वर्तमान में, इस योजना की वैधता को कुल परियोजना लागत में वृद्धि किए  बिना स्थायी वित्त समिति (एसएफसी) द्वारा 31.03.2022 तक बढ़ा दिया गया है।

यह सही है कि ओएनओआरसी की सुविधा से देश के सभी 80 करोड़ एनएफएसए लाभार्थियों को अपनी पसंद के किसी भी एफपीएस से खाद्यान्न उठाने में समान रूप से लाभ होगा, लेकिन इसका मुख्य उद्देश्य प्रवासी एनएफएसए लाभार्थियों (ज्यादातर मजदूर, दिहाड़ी मजदूर, कचरा बीनने वाले, सड़क पर रहने वाले, संगठित एवं असंगठित क्षेत्रों के अस्थायी कर्मचारी, घरेलू कामगार, आदि जैसे शहरी गरीबों), जोकि बेहतर अवसरों की तलाश में या किसी अन्य कारणों से देश भर में अक्सर प्रवास करते हैं, को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का उपयोग करने के लिए और यदि वे चाहें तो उन्हें पोर्टेबिलिटी के जरिए देश में किसी भी ईपीओएस समर्थित उचित मूल्य की दुकान (एफपीएस) से अपने हक का खाद्यान्न उठा सकने में सक्षम बनाना है। इस प्रकार, उचित मूल्य की दुकान (एफपीएस) पर ईपीओएस उपकरणों की स्थापना और लाभार्थियों को उनके डिजीटल राशन कार्ड डेटा के साथ आधार सीडिंग इस प्रौद्योगिकी संचालित पहल के दो मुख्य पहलू हैं।

गहरे प्रभाव वाले इस कार्यक्रम के प्रचार और इसके बारे में जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी संबंधित राज्यों / केन्द्र - शासित प्रदेशों की सरकार को सौंपी गई है, क्योंकि टीपीडीएस के तहत लाभार्थियों की पहचान और उन्हें खाद्यान्न वितरण की जिम्मेदारी राज्यों / केन्द्र - शासित प्रदेशों की है। इसके अलावा, विभाग समय-समय पर ओएनओआरसी के प्रचार, लाभार्थी की पहुंच और जागरूकता पैदा करने की दिशा में भी प्रयास कर रहा है। विभाग एमओआईबी, एमओएलई, एमओएचयूए, रेलवे जैसे अन्य संबंधित मंत्रालयों / विभागों और कुछ अन्य एजेंसियों के साथ नियमित रूप से समन्वय कर रहा है ताकि लाभार्थियों तक रणनीतिक पहुंच और इस पहल के प्रचार-प्रसार के लिए अभियान चलाया जा सके। विभाग द्वारा माईगव (एमईआईटीवाई) और अन्य संबंधित एजेंसियों के सहयोग से विभिन्न भाषाओं में विभिन्न किस्म की सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) संबंधी सामग्री विकसित की गई है और बाह्य/भौतिक और डिजिटल प्रचार माध्यमों, सोशल मीडिया और सरकारी वेबसाइटों / पोर्टलों आदि पर उपयोग के लिए राज्यों / केन्द्र - शासित प्रदेशों के साथ साझा की गई है। ओएनओआरसी एमओएचयूए के पीएम – स्वनिधि कार्यक्रम का भी एक हिस्सा है।     

विभाग अपने ट्वीटर और यूट्यूब पर अपने सोशल मीडिया हैंडल के जरिए ओएनओआरसी के बारे में प्रचार करने की दिशा में नियमित रूप से प्रयास कर रहा है। इसके अलावा, विभाग द्वारा बीओसी के जरिए 167 एफएम रेडियो और 91 सामुदायिक रेडियो स्टेशनों के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री के संदेश को प्रसारित करने वाले एक रेडियो आधारित प्रचार अभियान (हिंदी और 10 अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में) चलाया गया। भारतीय रेलवे के सहयोग से प्रवासी आबादी, जोकि ज्यादातर 'श्रमिक स्पेशल' सहित ट्रेनों के माध्यम से यात्रा करते हैं, को इस बारे में जागरूक बनाने के उद्देश्य से देश में 2,400 से अधिक रेलवे स्टेशनों पर ऑडियो स्पॉट की घोषणा और ऑडियो/विजुअल (ए/वी) स्पॉट के प्रदर्शन के जरिए एक विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, विभाग ओएनओआरसी के तहत कुछ राज्यों/केंद्र -शासित प्रदेशों में चलाए जाने वाले राज्य परिवहन की बसों में बस रैप्स के माध्यम से ओएनओआरसी कार्यक्रम का प्रचार भी शुरू कर दिया है।

इसके अलावा, सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से ओएनओआरसी अभियान और राशन कार्डों की पोर्टेबिलिटी से संबंधित मामलों आदि के बारे में से जुड़ी सूचना प्रदान करने के लिए एक समर्पित 14445 टोल-फ्री नंबर शुरू करने का अनुरोध किया गया है। इसके समानांतर में, एनआईसी के सहयोग से विभाग द्वारा ओएनओआरसी के तहत प्रवासी लाभार्थियों के पंजीकरण के लिए एक वेब- आधारित सुविधा और प्रवासी लाभार्थियों को विभिन्न प्रकार की उपयोगी जानकारी और सहायता प्रदान करने के लिए एक मोबाइल एप्लिकेशन को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है।

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