NCERT की किताबें नहीं पढ़ाई तो रद्द हो जाएगी स्कूल की मान्यता -चाइल्ड वेलफेयर कमिटी !
चाइल्ड वेलफेयर कमिटी जो कि 28 फरवरी 2020 को चाइल्ड वेलफेयर कमिटी के अध्यक्ष श्री ध्रुव कुमार ने राजस्थान राज्य बाल संरक्षण आयोग को पत्र लिखकर कक्षा 6 से 12 तक NCERT पाठ्यक्रम की पुस्तके अनिवार्य रूप से पढ़ाने के लिए लिखा है और कहा है कि माननीय शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा भी कक्षा 6 से 12 तक NCERT पाठ्यक्रम की पुस्तके अनिवार्य रूप से पढ़ाने के लिए पहले ही घोषणा कर चुके है। के अंतर्गत आती है और इसके अध्य्क्ष के पास मजिस्ट्रेट की शक्तियां होती है।इसके उदयपुर अध्य्क्ष श्री ध्रुव कुमार कहिया जहाँ बाल श्रम पर उदयपुर में जिस बेहतरीन तरीके से कार्यवाही कर बच्चों के बचपन को बर्बाद होने से बचा रहे है वही स्कूल में पढ़ने वाले गरीब बच्चों के अभिभावकों की जेब को राहत देने पर भी उनकी नज़र है। इसी क्रम में जहाँ 10 फरवरी 2020 को आदेश निकाल कर जिला शिक्षा अधिकारी उदयपुर के साथ निदेशक माध्यमिक शिक्षा ,बीकानेर को इसकी पालना अनिवार्य रूप से निश्चित कर सभी स्कूलों को NCERT की किताबें कक्षा 6 से 12 तक पढ़ाने की अनिवार्यता तय कर दी है।
श्री ध्रुव कुमार कविया हाल ही में कई बाल श्रमिकों को मुक्त करवा कर सुर्खिया बटोर चुके है।आपको बताते चले कि पहले मुलाकात के दौरान न्यूज़ एजेंसी इंडिया के हेड दिनेश भट्ट ने स्कूलों में किताबों के इस गड़बड़ झाले का ज़िक्र चाइल्ड वेलफेयर कमिटी के अध्यक्ष श्री ध्रुव कुमार से इस बावत बात की थी और इन्होंने प्रतिबद्धता के साथ एक रविवार के अवकाश के बाद 10 फरवरी को आदेश जारी कर दिए। इसके बाद भी उन्होंने दुबारा 28 फरवरी 2020 को चाइल्ड वेलफेयर कमिटी के अध्यक्ष श्री ध्रुव कुमार ने राजस्थान राज्य बाल संरक्षण आयोग को पत्र लिखकर कक्षा 6 से 12 तक NCERT पाठ्यक्रम की पुस्तके अनिवार्य रूप से पढ़ाने के लिए लिखा है और कहा है कि माननीय शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा भी कक्षा 6 से 12 तक NCERT पाठ्यक्रम की पुस्तके अनिवार्य रूप से पढ़ाने के लिए पहले ही घोषणा कर चुके है।
जो स्कूल इस आदेश की पालना करने में कोताही करेंगे उन स्कूलों की मान्यता रद्द करने की अनुसंशा चाइल्ड वेलफेयर कमिटी सम्बंधित विभाग को कर सकती है।