उदयपुर 30 दिसम्बर 2021 : कोरोना की महालहर के बीच डब्ल्यूएचओ (WHO) के प्रमुख टेड्रोस अदनोम घेब्येयियस ने चेतावनी देते हुए कहा है कि ओमिक्रोन और डेल्टा वेरिएंट दुनिया में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों की सुनामी ला सकते हैं। इतने ज्यादा संक्रमण के मामले आने से दुनिया भर में स्वास्थ्य सेवाओं पर 'बहुत ज्यादा दबाव' आने वाला है । इसी बीच उन्होंने उम्मीद जताई कि दुनिया जल्द ही इससे उबर जाएगी। उधर अमेरिका में कोरोना के रिकॉर्ड तोड़ दिया हैं और आंकड़ा 2,65,000 तक पहुंच गया है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बुधवार को चेतावनी दी कि ओमिक्रॉन और डेल्टा वेरिएंट से आने वाली कोविड -19 मामलों (Covid 19) की “सुनामी” पहले से ही अपनी क्षमता से अधिक कार्य कर रही स्वास्थ्य प्रणालियों पर और भी अधिक दबाव डालने वाली है।
डब्ल्यूएचओ ने कहा कि डेल्टा और ओमिक्रॉन दोनों एक साथ आने से मुश्किलें बढ़ रही हैं और कोविड के नए मामले तेजी से बढ़ रहे है।
उधर भारत के मुंबई में कोरोना के नए मामलों की संख्या 2500 के पार पहुँच गई है और एक दिन पहले की तुलना में 82% इजाफा देखा जा रहा है।
दिल्ली में कोरोना के मामलों में बड़ा उछाल देखा गया है। पिछले 24 घंटे में 923 नए मरीज सामने आए है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख ने बुधवार को कहा कि वह कोविड-19 के ओमीक्रोन और डेल्टा वेरिएंट के मिलने से संक्रमण के मामलों की ‘सुनामी’ आने की आशंका को लेकर चिंतित है। कोरोना वायरस सबसे पहले सामने आने के लगभग दो साल बाद संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी के शीर्ष अधिकारियों ने आगाह किया कि वायरस के सबसे नये स्वरूप ओमीक्रोन से हल्के-फुल्के लक्षण वाला संक्रमण होने की ओर इशारा करने वाले शुरुआती आंकड़ों को पूरी तरह मान लेना अभी जल्दबाजी होगी। दक्षिण अफ्रीका में पिछले महीने सबसे पहले सामने आये वायरस के इस स्वरूप का संस्करण यूरोप और अमेरिका में अब कहर बरपा रहा है।
संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी ने मंगलवार को जारी अपनी साप्ताहिक महामारी संबंधी रिपोर्ट में कहा कि 20 से 26 दिसंबर के बीच दुनियाभर में करीब 49.9 लाख नये मामले सामने आये। इनमें से आधे से अधिक मामले यूरोप में आये। हालांकि यूरोप के मामलों में एक सप्ताह से पहले की तुलना में केवल तीन प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गयी। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि अमेरिका महाद्वीपीय क्षेत्र में नये मामले 39 प्रतिशत बढ़कर करीब 14.8 लाख हो गये। अकेले अमेरिका में 34 प्रतिशत वृद्धि के साथ 11.8 लाख से अधिक मामले हो गये।