Covaxin टीके लगाने से गंभीर खतरा होने पर मुआवजा देने के लिए भराए जा रहे सहमति फार्म!
देश में पहले चरण में हेल्थ वर्कर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स को देश में विकसित दो तरह के टीके- कोवीशील्ड और कोवैक्सीन दिए जाने के अभियान की शुरूआत हो चुकी है। इसी बीच टीका देने से पहले भारत बायोटेक की वैक्सीन 'कौवैक्सीन' लगवाने वालों से एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करवाये जाने की खबरें आ रही है।
इस फॉर्म में वैक्सीन की वजह से होने वाले किसी भी बुरे प्रभाव के लिए मुआवजे की बात कही गई है क्योंकि कोवैक्सीन अभी क्लीनिकल ट्रायल के तीसरे चरण में ही है। लेकिन सरकार ने उसके आपातकालीन इस्तेमाल की इजाजत दी है। हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक ने आई सी एम आर के साथ मिलकर Covaxin का विकास किया है।
फॉर्म में कहा गया है कि "COVAXINTM" का इस्तेमाल एक आपातकालीन स्थिति में प्रतिबंधित उपयोग के तहत किया जा रहा है। "सार्वजनिक हित" को ध्यान में रखते हुए और प्रचूर मात्रा में सावधानी बरतते हुए ही इसे इस्तेमाल की अनुमति दी गई है। फॉर्म में यह भी कहा गया है कि इस वैक्सीन की प्रभावकारिता स्थापित होना अभी बाकी है क्योंकि अभी भी यह क्लीनिकल ट्रायल के तीसरे चरण में है।