कोविड-19 महामारी के दौर में बच्चों को मनोवैज्ञानिक संबल प्रदान करें-अध्यक्ष, राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण
जयपुर 24 दिसम्बर: राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा गुरूवार को राज्य की सभी बाल कल्याण समितियों एवं किशोर न्यास बोर्ड के अध्यक्षों तथा सदस्यों के लिए ‘‘कोविड-19 के दौरान प्रभावी कार्यवाहियां’’ विषय पर ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में कोविड-19 महामारी के संक्रमणकाल में बच्चों की मानसिक सामाजिक स्थिति, बालगृहों में बच्चों की सुरक्षा-देखभाल के लिए जांच आदि पर विस्तार से चर्चा हुई।

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प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष न्यायाधीश संगीत लोढ़ा ने अपने उद्बोधन में कहा कि कोविड-19 महामारी के इस दौर में बच्चों की स्थिति बहुत दयनीय है, इसलिए उन्हें मनोवैज्ञानिक संबल प्रदान करते हुए आवश्यक कदम उठाये जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि गम्भीर अपराधों में प्रकरणों की जांच करते समय इस बात का ध्यान रखा जाना आवश्यक है कि बालक ने किन-किन परिस्थितियों के वशीभूत अपराध किया है। उन्होंने कहा कि रालसा अध्यक्ष ने कहा कि रालसा द्वारा कोविड-19 महामारी के दौरान अनेक सराहनीय कार्य किए गए हैं, अब हमें इस महामारी से बचाव के संबंध में बच्चों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाना होगा।
ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम को राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की निदेशक श्रीमती अर्चना मिश्रा, बाल मनोवैज्ञानिक डॉ प्रदन्या देशपांडे, बाल अधिकार विशेषज्ञ, यूनिसेफ धमेन्द्र, बाल अधिकारिता विभाग के ओएसडी गोविन्द बेनीवाल, मेड़ता सिटी के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. सिम्पल शर्मा ने भी संबोधित किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य के लगभग 150 प्रतिभागी उपस्थित थे।
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