फीस जमा न करने पर सेंट्रल एकेडमी ने अभिभावकों को TC लेने को बोला !
सरदारपुरा के सेंट्रल एकेडमी स्कूल में फीस वृद्धि व अन्य बदलावों के खिलाफ अभिभावकों के समूह ने जिला शिक्षा अधिकारी ऑफिस पहुँच पर प्रदर्शन कर विरोध जताया। अभिभावकों के अनुसार स्कूल प्रबंधन ने बिना पूर्व सूचना सत्र के बीच ही फीस बढ़ा दी है। बच्चों की किताबें, ड्रेस इत्यादि भी स्कूल से तय दुकानों से ही खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है। साथ ही जब कलेक्टर को इस बारे में तीन महीने पहले ज्ञापन दिया और कलेक्टर ने जाँच शिक्षा अधिकारी को सौंपी थी और उक्त रिपोर्ट में स्कूल प्रबंधन को दोषी मानकर पूर्व सत्र के अनुसार ही फीस देने को कहा था। अभिभावकों ने उक्त रिपोर्ट स्कूल प्रबंधन को बतायी फिर भी स्कूल प्रबंधन ने इसे मानने से इंकार कर दिया।
अभिभावकों ने बताया कि इसके बाद फीस निर्धारण कमिटी गुप चुप निर्धारित कर दी गयी और फीस निर्धारण कमिटी में लाटरी में केवल स्कूल के प्रति निष्ठां रखने वाले अभिभावकों के नाम लाटरी में डाल दिए गए। हद तो तब हुई जब RTE के तहत निशुल्क शिक्षा हासिल करने वाले बच्चों के अभिभावकों के नाम फीस निर्धारण कमिटी में चुन लिए गए जबकि इनसे कोई फीस नहीं ली जाती है।फीस निर्धारण कमिटी में ऐसे भी अभिभावक का नाम शामिल किया गया जो लाटरी के दौरान स्कूल में उपस्थित ही नहीं था और उनका बच्चा अस्पताल में भर्ती था। स्कूल प्रबंधन को जब इस बारे में पता चला तो आनन फानन में अस्पताल जाकर अभिभावक के हस्ताक्षर लिए गए।अभिभावकों का ये भी कहना है कि किस आधार पर फीस निर्धारण कमिटी के लिए RTE अभिभावकों से 50 रूपये लेकर फीस निर्धारण कमिटी में शामिल कर लिया गया जबकि इनसे किसी प्रकार की फीस नहीं लेने का प्रावधान है।
इससे पहले एक बार स्कूल प्रशाशन फीस लेने के लिए दबाव बनाने के लिए अपने छात्रों को बेसमेंट में बंधक बना चूका है और इस दौरान कई बच्चों की तबियत भी खराब हो गयी थी और बंधक बनाये गए बच्चों में से एक छात्र डायबिटिक पेशेंट भी था जिसे दिन में दो बार इन्सुलिन इंजेक्शन की जरुरत होती है।
स्कूल प्रशाशन का कहना है कि उन्होंने फीस नियमानुसार बढ़ायी है और इस बारे में प्रशाषण को सूचित भी कर दिया है और अगर अब अभिभावक फीस नहीं जमा कराते है तो ये उनकी गलती है।अब अभिभावकों और स्कूल प्रशाशन की इस लड़ाई में निरीह बच्चों पर बन आयी है क्योंकि एक तरफ स्कूल में इनके साथ सौतेला व्यव्हार हो रहा है और दूसरी तरफ बच्चों की वार्षिक परीक्षाएँ नज़दीक है।
इसी बीच सेन्ट्रल अकादमी स्कूल प्रशाशन ने रजिस्ट्री लेटर अभिभावकों को फीस जमा कराने को कहा और अभिभावकों ने कहा कि जब शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट में पूर्वानुसार फीस जमा कराने को कहा है तो हम पूर्व सत्र के अनुसार फीस जमा कराने को तैयार है लेकिन स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों की एक न सुनी। इसके बाद अभिभावकों को एक ओर लेटर दिया गया जिसमे फीस न जमा कराने पर अगले सत्र में छात्रों को निकालने की बात कही गयी और बच्चों को TC लेने को कह दिया गया।