राजस्थान में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं एवं बारहवीं की परीक्षाएं निरस्त,कोरोना से अनाथ हुए बच्चों के लिए बनेगा पैकेज
जयपुर, 2 जून। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश में कोविड प्रबंधन, वैक्सीनेशन, कोरोना महामारी के कारण अनाथ हुए बच्चों को संबल देने के लिए पैकेज जल्द तैयार करने तथा तीसरी लहर में संक्रमण के फैलाव को रोकने की तैयारियोंं आदि पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में इस बात पर विचार किया गया कि इस महामारी से समाज के अन्य वर्गों के साथ-साथ विद्यार्थी वर्ग भी अत्यधिक प्रभावित हुआ है। चिकित्सा विशेषज्ञ संक्रमण की तीसरी लहर से बच्चों के अधिक प्रभावित होने की आशंका व्यक्त कर रहे हैं। ऎसे में राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर की दसवीं एवं बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं को निरस्त करने का निर्णय किया गया।
बैठक में बताया गया कि पहली लहर के समय जिन 33 लाख असहाय, निराश्रित एवं श्रमिक परिवारों को 3 हजार 500 रूपए प्रति परिवार की सहायता प्रदान की गई थी। उन्हें संबल देने के लिए इस वर्ष की एक हजार रूपए की दूसरी किश्त इसी जून माह में जारी कर दी जाएगी। इन परिवारों को एक हजार रूपए इस वर्ष की पहली किश्त अप्रेल माह में ही दी जा चुकी है।
मंत्रिपरिषद ने प्रस्ताव पारित किया कि केंद्र सरकार अन्य आयु वर्गों की भांति ही 18-44 आयुवर्ग के युवाओं के लिए निशुल्क वैक्सीन उपलब्ध कराए। ग्लोबल टेंडर करने के बावजूद वैक्सीन निर्माता कंपनियां राज्यों को वैक्सीन उपलब्ध कराने के लिए तैयार नहीं है। ऎसे में केंद्र सरकार का दायित्व है कि जिस तरह 45 वर्ष से उपर के लोगों के लिए निशुल्क वैक्सीन उपलब्ध कराई गई हैं, उसी प्रकार राजस्थान सहित देश के सभी राज्यों को युवा वर्ग के लिए भी पर्याप्त मात्रा में और निशुल्क वैक्सीन उपलब्ध कराए। इसी अनुरूप भविष्य में आने वाली बच्चों की वैक्सीन भी राज्यों को निशुल्क उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
बैठक में मंत्रिपरिषद ने कहा कि प्रदेश में वैक्सीन डोज की वेस्टेज का प्रतिशत 2.08 है। जो कि वैक्सीन वेस्टेज की राष्ट्रीय औसत 6 प्रतिशत एवं भारत सरकार द्वारा वैक्सीन खराबी की अनुमत सीमा 10 प्रतिशत से काफी कम है। वैक्सीनेशन के साथ-साथ कोरोना के खिलाफ जंग के सभी मानकों में राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों में है।
बैठक में कोरोना संक्रमण की वर्तमान स्थिति, वैक्सीनेशन, ब्लैक फंगस को रोकने के उपायों एवं तीसरी लहर की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि राज्य सरकार के कुशल प्रबंधन तथा जन अनुशासन लॉकडाउन की प्रभावी पालना के कारण बीते करीब 20 दिनों में एक्टिव रोगियों की संख्या में तेजी से कमी लाने में मदद मिली है।
संक्रमण की दूसरी लहर के पीक पर राज्य में एक्टिव रोगियों की संख्या 2 लाख से अधिक हो गई थी, जो अब घटकर 37 हजार के स्तर पर आ गई है। रिकवरी रेट भी 95 प्रतिशत से अधिक हो गई है। ऑक्सीजन की खपत 400 एमटी प्रतिदिन से घटकर 222 एमटी प्रतिदिन के करीब हो गई है। म्यूकोर माइकोसिस (ब्लैक फंगस) के उपचार के लिए 37 निजी एवं राजकीय अस्पतालों को अधिकृत किया गया है।
बैठक में बताया गया कि तीसरी लहर की तैयारियों के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर तक स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर किया जा रहा है। जिसके तहत पाइपलाइन से ऑक्सीजन की आपूर्ति तथा ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। चिकित्सा कर्मियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। साथ ही बच्चों के लिए आवश्यक दवाओं का प्रबंधन किया जा रहा है।

https://play.google.com/store/apps/details?id=com.wincompete&hl=en
Disclaimer : All the information on this website is published in good faith and for general information purpose only. www.newsagencyindia.com does not make any warranties about the completeness, reliability and accuracy of this information. Any action you take upon the information you find on this website www.newsagencyindia.com , is strictly at your own risk