लॉक डाउन ने बढ़ाई उदयपुर में कालाबाज़ारी,प्रशाषन मार रहा औचक छापे !
उदयपुर 25 मार्च : जैसे ही बीती रात 8 बजे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 21 दिन के सम्पूर्ण लॉक डाउन की घोषणा की, लोगों में राशन इकट्ठा करने की होडा होडी मच गयी और लोग दुकानों की ओर चल पड़े। ये भीड़ उस स्थिति में भी गंभीर चिंता का कारण थी जब प्रधानमंत्री मोदी जनता को बता चुके थे कि आवश्यक वस्तुओं / सुविधाओं को बंद नही किया जाएगा और न किसी प्रकार की कोई कमी आने दी जाएगी, इसलिए आवश्यकता से अधिक वस्तुओं का संग्रह न करें ।
लेकिन मौजूदा स्थिति का फायदा उठाते हुए कई किराणा व्यापारियों, अनाज व्यापारियों और खाद्य वस्तुओं से जुड़े व्यापारियो ने कालाबाज़ारी / मुनाफाखोरी शुरू कर दी। हमेशा मोल भाव करके सामान खरीदने वाला उपभोक्ता मज़बूरी में मुँह मांगे दाम पर सामग्री खरीद रहा है। उपभोक्ताओं के लिये बने सारे नियम कानून वर्तमान में बेमानी लग रहे है ।आलू प्याज वाले भी आम जनता को लूट रहे है।जो प्याज बड़ी बड़ी पार्टियों और सरकारों को रुला देता है वही 25 रुपये किलो मिलने वाला प्याज 40 रुपये में बेचा जा रहा है और 20 रुपये किलो मिलने वाला आलू 30 रुपये किलो में बेचा जा रहा है।इसी प्रकार अनाज व खाने पीने की अन्य वस्तुए महँगे दामों पर बेची जा रही है, जिन पर प्रशासनिक नियंत्रण जरूरी है ।
जिला रसद अधिकारी को चाहिए कि दुकानदारों से स्टॉक व मूल्य की जानकारी ले, ग्राहक बनकर अकस्मात छापेमारी करें ।दुकानदारों को भी मुख्य वस्तुओं की रेट लिस्ट दुकान के बाहर लगाने के लिए बाध्य करें, आवश्यक वस्तुओं का मूल्य रसद विभाग निर्धारित करें तो आम जनता लूटने से बच सकेगी।
दुकानदारों को भी यह समझना चाहिए कि पैसा कमाने के लिये नैतिकता न छोड़े, व्यापार हमेशा करना है, इस समय न्यूनतम लाभ रखते हुए पूण्य कमाए, यह समय कोरोना महामारी से निपटने के लिए मानवता दिखाने का है।
इससे पहले जिला रसद अधिकारी मास्क और सैनीटाइज़र की कालाबाज़ारी को रोकने के लिए कई मेडिकल स्टोर्स पर कार्यवाही कर चुके है और संकट की इस घडी में जहाँ जिला रसद विभाग को सबसे ज्यादा सचेत और सावधान रहने की जरुरत है ताकि आम इंसान इस बूरे दौर में आवश्यक सामान सही कीमत पर खरीद सके।
रिपोर्ट : जयवंत भैरविया