उदयपुर में सब्जी-फलों की काला बाज़ारी,भोपाल सहित अन्य शहरों ने तय कर रखे है दाम !
उदयपुर में कोरोना महामारी के चलते वैद्य और अवैध सब्जी और फल वालो की पौ बारह हो चली है। लोग ठेले और ऑटो,स्कूटर लेकर अल सुबह सब्जी मंडी से लेकर शहर और उपनगरीय क्षेत्रों में सब्जी बेचने निकल पड़ते है। महत्वपूर्ण बात ये है कि सुबह सुबह मंडी में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की धज्जियां उड़ती रहती है और कई लोग बिना मास्क लगाए सब्जी व्यवसाय करने के लिए थोक में सब्जियां खरीद रहे होते है। यहाँ तक कि ऐसे लोग भी अब सब्जी और फल बेच रहे है जिन्हें हाइजीन का ककहरा तक पता नही। वहाँ से निकल कर ये लोग निकल पड़ते है शहर भर में और ज्यादातर शहर की बाहर की कॉलोनियों में। फिर शुरू हो जाता है सब्जियों और फलों की कालाबाजारी का खेल।कई लोग तो सुबह बिना मास्क के 9 बजे तक सब्जिया और फल आदि बेच कर घर हो लेते है।
महत्वपूर्ण बात ये है कि चूँकि अभी सभी होटल और रेस्टॉरेंट बंद है ,शादियां और फंक्शन इत्यादि भी नही हो रहे है और स्थानीय सब्जियां भी बाहर नही जा रही है फिर भी सब्जियों और फलों के दाम आसमान छू रहे है।
चूँकि स्थानीय प्रशाषन और मंडी समिति ने अब तक सब्जियों और फलों की कोई मैक्सिमम रेट लिस्ट घोषित नही की है इसलिए सब्जी व्यवसाय अभी पैसा बनाने वाली मशीन बन गया है। मजबूरन जनता महँगे दामों पर सब्जी फल खरीदने पर विवश है।
एक पूरा नेक्सस सा बनता चला जा रहा है।
वही भोपाल सहित अन्य कई शहरों में लागातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन ने सब्जी के रेट तय कर दिए थे। अगर कोई दुकानदार अधिक दरों पर सब्जी बेचता है तो इस संबंध में नगर निगम के कई अफसरों को ड्यूटी पर लगा कर जनता को राहत प्रदान की गयी। सब्जी और फलों की काला बाज़ारी के खिलाफ सख्त एक्शन भी लिए जा रहे है।
कोरोना संक्रमण की वजह से किए गए लॉक डाउन में लोगों को घर पर ही किराना, सब्जी, फल उपलब्ध कराने के लिए देश के कई नगर निगम और पालिकाएँ इस बावत कदम उठा चुकी है ।यहाँ तक कि भोपाल शहर में निगम की वेबसाइट पर हर क्षेत्र के रूट प्रभारियों की सूची जारी की है जो सब्जी और फल व्यवसायियों की कालाबाज़ारी की शिकायतों पर काम कर रहे है। वार्ड और क्षेत्र के अनुसार जारी सूची में इन प्रभारियों के नंबर दिए हुए हैं। यह सूची नगर निगम भोपाल की वेबसाइट पर देखी जा सकती है। लोगों को किसी भी तरह की सामग्री की जरूरत हो और दिक्कत हो रही हो तो वह संबंधित रूट प्रभारी से संपर्क करके निराकरण कर सकते हैं। इस सूची के आधार पर लोगों को अच्छी खासी राहत मिली है।
यहाँ बात सब्जी और फल व्यवसायियों की खिलाफत की नहीं है। पेट भरने के लिए ये लोग दिन भर मेहनत कर रहे है। लेकिन लॉक डाउन में घरों में बैठे कई लोग ऐसे भी जिनकी स्थिति इन आसमान चढ़ते भावों पर खरीद करने की नही है। ये लोग चुपचाप बेबस घर बैठे हुए है।
उदयपुर प्रशाषन से उम्मीद है कि लॉक डाउन के दिनों तक जनता को राहत दिलाने के लिए सब्जियों और फलों के मूल्य निर्धारण की व्यवस्था कर जनता को राहत पहुचाएगा। साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों और मास्क,ग्लव्स और हाइजीन की बाध्यता के साथ इन व्यवसायियों को पाबंद करने के दिशा निर्देश देगा।
सनद रहे एक छोटी सी गलती सब्जी और फलों के व्यवसाय के चक्कर मे उदयपुर में काल बन कर आ सकती है। कही दिल्ली पिज़्ज़ा डिलीवरी वाला केस यहाँ न हो जाये।