सेक्स कंटेंट से TRP नहीं मिली तो बीबीसी फ़र्ज़ी वीडियो से कर रही कश्मीर और भारत को बदनाम !
बीबीसी किसी समय पूरे विश्व में समाचारों की विश्वसनीयता के बारे में जानी जाती थी लेकिन आज TRP की दौड़ ने बीबीसी को झूठे और एडिटेड वीडियो फैलाकर सनसनी फ़ैलाने को मजबूर कर दिया है। वैसे भी बीबीसीइंडिया की वेबसाइट पर इतना ट्रैफिक नहीं रहता तो वे सेक्स कंटेंट परोसकर लोगों को अपनी साइट पर लाने की कोशिश करते है। आप बीबीसीइंडिया की वेबसाइट देखकर इस बात अंदाजा लगा सकते है कि समाचार कंटेंट के अलावा कितना अजीबोगरीब कंटेंट यूजर को परोस कर भारतीय बाजार में अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रहा है।
पिछले दो दिन से ट्विटर पर एक कश्मीर का एडिटेड वीडियो बीबीसीउर्दू के माध्यम से श्रीनगर के सौरा का दिखाया जा रहा है और इस वीडियो में पहले बीबीसी का लोगो भी नहीं था लेकिन बाद में इस वीडियो पर बीबीसी का लोगो लगा दिया गया। वीडियो में लोगो को प्रदर्शन करते हुए हाथों में पाकिस्तान ,ISIS और आज़ाद कश्मीर का झण्डा लेकर देखा विरोध प्रदर्शन करते देखा जा सकता है। वीडियो के अंत में आप साफ़ तोर पर पाकिस्तान आर्मी के लोगों को वीडियो बनाते देख सकते है। साथ ही हज़ारों लोगों को एक रैली में आंतकवादी द्वारा सम्बोधित करते देखा जा सकता है।
वीडियो में सड़क पर जो होर्डिंग्स हैं वो अपने आप पुष्टि करते है कि यह भारत का वीडियो न होकर POK का वीडियो है।
इस वीडियो को बड़ी चतुराई से संपादित किया गया है। लोगों के हाथों में बैनर पीओके का है और फिर इसमें कश्मीर में दंगे और पथराव के कुछ पुराने वीडियो जोड़े गए है ।ये कैसे मुमकिन है कि सेना की उपस्थिति में हज़ारो लोग कर्फ्यू या ढील के दौरान इकट्ठे हो जाये। साफ़ तौर पर बीबीसी भारत विरोधी खबरें चलाकर सिर्फ सनसनी फ़ैलाने की कोशिश कर रहा है क्योंकि ऐसा कैसे मुमकिन है कि हज़ारों लोगों की भीड़ में सिर्फ एक ही वीडियो बनाया गया हो। सोशल मीडिया के युग में बाकी वीडियो कहाँ गए ? क्योंकि अगर एक वीडियो इंटरनेट पर आ सकता है तो अब तक सैकड़ो ऐसे वीडियो आ जाने चाहिये थे।
भारत सरकार सहित स्थानीय पुलिस और प्रशाशन ने भी इस वीडियो को फ़र्ज़ी बताया है।