एक्शन उदयपुर एप्प में सालों से एक्शन नहीं,स्मार्ट सिटी बनने नहीं देना चाहते अफसर !
उदयपुर को हर सूरत में स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में सहयोगात्मक कार्य करने के लिए एक्शन उदयपुर ने जिला प्रशासन के सहयोग से 2 सितंबर 2015 को एक मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया था ।लॉन्च में मुख्य अतिथि के रूप में आईजी पुलिस आनंद श्रीवास्तव ने भाग लिया था और लॉन्च की सराहना करते हुए कहा कि यह एप्लिकेशन आम जनता से शिकायतों, सुझावों और प्रतिक्रिया को सामने लाने और उन्हें संबोधित करने के लिए प्रशासन से समाधान प्रदान करने के लिए एक मंच प्रदान करेगा।
वहीं तत्कालीन कलेक्टर रोहित गुप्ता ने कहा था कि यह पहल उदयपुर को 'मॉडल सिटी' के रूप में विकसित करने के लिए एक कदम है।
टूटी सड़कों, स्वच्छता की कमी, गैर-कार्यशील स्ट्रीट लाइट, पानी का जमाव, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान आदि सहित शहर के कुछ मुद्दों पर अपनी राय देने का उपयोग शुरू करने के लिए एक्शन उदयपुर एप्प लांच किया गया था। शिकायत पोस्ट करने के बाद प्रशासन संदेश प्राप्त करेगा और उपभोक्ता को विवरण और समाधान के साथ एक एसएमएस प्राप्त होने की बात कही गयी थी ।
दुःख का विषय है कि एक्शन उदयपुर एप्प मर चुकी है। इस पर शिकायतों के बाद भी 100 दिनों तक समाधान नहीं होता है। एप्प अपने आप में कई खामियों से भरी पड़ी है। पहले तो शिकायत करने के बाद शिकायतकर्ता को शिकायत भेजने और प्राप्ति संबधी SMS या ईमेल नहीं आता है कि आपकी शिकायत दर्ज़ कर ली गयी है और सम्बंधित अधिकारी और विभाग को भेजी गयी है।
न ही शिकायतकर्ता को अपनी शिकायत की वर्तमान स्थिति पता चल पाती है कि उसकी शिकायत पर क्या काम हो रहा है ?
अव्वल तो न्यूज़एजेंसीइंडिया ने पिछले 6 महीनों में 6 समस्याएँ एक्शन उदयपुर एप्प पर पोस्ट करी लेकिन 6 महीनों में स्मार्ट सिटी उदयपुर और नगर निगम उदयपुर कोई समाधान करवा पायी।
मजे की बात ये है एक्शन उदयपुर एप्प को 5 अगस्त 2016 के बाद से आज तक गूगल प्ले स्टोर पर अपडेट नहीं किया गया है। या तो एक्शन उदयपुर एप्प अपने आप में इतनी सशक्त थी कि इसको तीन साल बाद भी अपडेट करने की जरुरत नहीं थी या इस एक्शन उदयपुर एप्प पर काम करने वाले लोगों और उदयपुर को धोखा दे रहे है।
चूँकि कोई सैंट्रल कमांड सिस्टम उदयपुर प्रशासन के पास नहीं है जिससे अलग अलग विभागों (जैसे UIT,नगर निगम उदयपुर,विध्युत विभाग और जल संसाधन विभाग ) के बीच कोई समन्वय नहीं है और सिर्फ नगर निगम उदयपुर के कर्मचारी इन शिकायतों को देखकर ही अपने कर्तव्य की इतिश्री कर लेता है और अन्य विभागों तक शिकायत नहीं पहुँचाता है जिससे एक्शन उदयपुर एप्प केवल दिखावा बन कर रह गयी है।
ऐसा नहीं है कि जिला कलेक्टर आनंदी जी को एक्शन उदयपुर एप्प में इंटरेस्ट नहीं था बल्कि उन्होंने उदयपुर आते ही इस एप्प के द्वारा नगर निगम उदयपुर को काम करने को कहा लेकिन सेंट्रल कमांड और एप्प के फीचर और सर्विस सही नहीं होने से ये केवल मात्र दिखावा बन कर रह गयी है।
यदि आप एक्शन उदयपुर एप्प के गूगल प्ले स्टोर के लिंक पर जाएंगे तो सैकड़ो उदयपुर वासियों द्वारा दिए गए रिव्यु से आपको एक्शन उदयपुर एप्प की वास्तविक हक़ीक़त दिख जाएगी। यूजर कुछ ऐसे रिव्यु देते है
"it seems that the Congress gov is not in the mood to work for public. Not any online platform is working. just to wait for another 5 years."- Mohit Agrawal
One of the worst app.... I think it's just a fake app and waste of time for users.... As it does not solve the problems... And even no option to show status of the problem....-Vipul Mehta
after. complain no response. or query what is problem but NO ACTION-Pankaj Kumawat
worst app ever no response no action and shame on the administration-Pradeep Dhing
is app ko play store se delete ku nhi kar dete ho.....useful to h nhi is par complain karke bas time waste karna h coz na to koi response aata h aur na hi resolve hoti h problem. worst and useless app.-Shailesh Mehta
System is good but municipal staff not carried out their duty.They put fake signature of complainer against the report and submit to their higher officials.And when phone call came from office about to confirm the same reports if u tell the above true reports they did not do any thing . Please mark-nasir chisty
The server of this app is not working since last decade. How to lodge complaints then.i think this app will also work in election time just like the govt -KAVITA PALIWAL
बहुत गंदी है कुछ भी काम नहीं होता है दो बार कंप्लेंट करी कुछ भी रिप्लाई नहीं आया ना ही काम हुआ इससे ज्यादा गंदी एप्लीकेशन मेरी लाइफ में कभी नहीं देखी- gajendra khatik
No action is taken.. Don't know why they kpt name action udaipur-Harjyot Bagga