निज़ामुद्दीन मरकज़ के बाद लखनऊ और बिजनौर की मस्जिदों से विदेशी लोग पकडे !
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जिलाधिकारी,पुलिस कमिश्नर और एसीपी ने एक मस्जिद में छापेमारी कर 6 विदेशी नागरिकों को पकड़ा है। ये सभी दिल्ली के निजामुद्दीन में तबलीगी जमात के मरकज में शामिल हुए थे।
कोरोनावायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज मामले में कई जानकारी सामने आ रही हैं। अभी तक मरकज में रह रहे 24 लोगों को कोरोनोवायरस पॉजिटिव पाया है। वहीं सात लोगों की मौत हो चुकी है। मंगलवार को उत्तर प्रदेश के बिजनौर की एक मस्जिद में इंडोनेशिया के आठ लोगों का पता लगा। प्रशासन ने मस्जिद से निकालकर मेडिकल चेकअप करवाया और होम क्वारंटाइन के आदेश दिए है। इसके साथ ही जिस मस्जिद में रुके हुए थे, उसके मौलाना और बाकी लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार उनके यहां रुके होने की उन्हें जानकारी नहीं दी गई थी।
बिजनौर के एसपी ने बताया,- 'ये लोग नगीना की जामुन वाली मस्जिद में रुके हुए थे। ये लोग पहले दिल्ली रुके हुए थे। वहां से बिजनौर आए थे और ये सभी लोग इंडोनेशिया के नागरिक हैं। ये सभी बांग्लादेश के रास्ते ओडिशा पहुंचे और वहां से दिल्ली पहुंचे थे। 21 मार्च को ये लोग नगीना वाली मस्जिद आ गए थे। इनके साथ एक दुभाषिया भी था। मस्जिद के मौलवी और अन्य लोगों सहित पांच के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन स्थित मरकज में न सिर्फ देश के विभिन्न राज्यों से बल्कि विदेशों से भी एक से 15 मार्च तक तब्लीग-ए-जमात में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे थे। देश-विदेश के लोगों को मिलाकर कुल 1830 लोग मरकज में पहुंचे थे। इस के बाद भी 1,400 लोग यहां रुके हुए थे। कोरोनावायरस के चलते मरकज से अब तक कुल 860 लोगों को निकालकर अलग-अलग अस्पतालों में पहुंचाया जा चुका है। वहीं अभी 300 और लोगों को निकाल कर अस्पताल ले जाया जा रहा है। इन्हीं में से मरकज में शामिल होने वाले छह लोगों की तेलंगाना में कोरोनावायरस से मौत हो गई। उधर, अंडमान में 10 लोगों की रिपोर्ट में कोरोनावायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है।