उदयपुर CJM कोर्ट का फैसला : लाल बहादुर शास्त्री को तौलने के लिए जमा कराया 56KG सोना होगा CGST के सुपुर्द !
उदयपुर के सीजेएम कोर्ट में चल रहे एक केस में न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के स्वागत में उनको तोलने के लिए भेंट किया गया 56 किलो 857 ग्राम सोना सेंट्रल जीएसटी डिपार्टमेंट के सुपुर्द करने के निर्देश दिए है। सोने की वर्तमान कीमत करीब 31 करोड़ रुपए के आसपास है। इस मामले में सीजीएसटी की ओर से जयपुर के वरिष्ठ वकील संजीव पुरोहित और उदयपुर के वकील प्रवीण खंडेलवाल और भंवर सिंह देवड़ा ने पैरवी करी थी।
आपको बताते चले कि चित्तौड़गढ़ जिले की छोटी सादड़ी तहसील के गोमाना गांव के सर्राफा व्यापारी गणपत लाल पुत्र भैरूलाल आंजना ने तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 16 दिसंबर 1965 को प्रस्तावित छोटी सादड़ी की यात्रा के दौरान उन्हें सोने से तोलने की घोषणा की थी। इसके लिए आंजना परिवार ने शास्त्री जी के वजन के बराबर 57 किलो 863 ग्राम सोना जिला कलेक्टर कार्यालय में सुरक्षित रखवाया था। वह छोटी सादड़ी आ पाते उससे पहले ही ताशकंद में प्रधानमंत्री शास्त्री जी का निधन हो गया।
लेकिन शास्त्री जी के निधन के कारण उनका चित्तौड़गढ़ आना संभव नहीं हो पाया और सोना प्रशासन के पास ही रह गया। इसके बाद आंजना परिवार ने जिला कलेक्ट्रेट में प्रार्थना पत्र पेश कर वहां जमा कराया सोना वापस लौटाने की मांग की थी । कानूनी दाव पेंच में फंसने के कारण यह सोना आंजना परिवार को वापस नहीं मिल पाया। उसके बाद गणपत लाल आंजना ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। यह लड़ाई उनकी मौत के बाद पुत्र गोवर्धन लाल आंजना और उनके परिवार के सदस्यों ने जारी रखी थी। बाद में सोना गोल्ड कंट्रोल ऑफिसर के पास जमा रखने के आदेश दिए गए ।इसके बाद सन 2009 में उदयपुर सीजेएम कोर्ट में अर्जी लगा कर इस सोने को एक्साइज विभाग को सौंपने के लिए मांग की गई थी।
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