अवैध खनन और परिवहन में वर्ष में अब तक 5063 वाहन जब्त, 37 करोड़ से अधिक का जुर्माना
जयपुर, 25 अक्टूबर। अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ राज्यभर में सख्त कार्यवाही जारी है। अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि राज्य में इस वित्तीय वर्ष में अक्टूबर के दूसरे सप्ताह तक 4974 मामले दर्ज कर 5063 वाहन, उपकरण व मशीन आदि जब्त किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले चार से पांच दिन में ही जयपुर वृत में 16 वाहन जब्त करने के साथ ही दो लाख 43 हजार से अधिक की राशि का जुर्माना वसूला गया है।
एसीएस माइंस डॉ. अग्रवाल ने बताया कि राज्य का माइंस विभाग अवैध खनन गतिविधियों के प्रति गंभीर है। प्रदेश में अवैध खनन के 4974 मामलों में से 3187 मामलें अवैध बजरी खननख् परिवहन और भण्डारण के दर्ज किए गए हैं। उन्होंने बताया कि दोषियों के खिलाफ पुलिस में 431 प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है, इनमें से 312 एफआईआर अवैध बजरी खनन, परिवहन और भण्डारण से संबंधित है। प्रदेश में 37 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जुर्माने के रुप में वसूल कर राजकोष मेें जमा कराई गई है। उन्होंने बताया कि अब तक 5063 वाहन, मशीनरी और उपकरण जब्त किए जा चुके हैं। इनमें से अवैध बजरी परिवहन में 3235 वाहन आदि जब्त कर संबंधित पुलिस थानों में सुपुर्द किया गया है।
निदेशक माइंस श्री केबी पण्डया ने बताया कि अधिकारियों को अबैध खनन, परिवहन और भण्डारण पर सख्ती से कार्यवाही के निर्देशों के साथ ही रात्रि कालीन गश्त जारी रखने को कहा गया है।
एसएमई जयपुर वृत श्री प्रताप मीणा ने बताया कि पिछले चार पांच दिन में जयपुर वृत में 16 दर्ज कर एक प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ ही 13 वाहन मशीनरी आदि जब्त का पुलिस थानों के सुपुर्द किए गए हैं। इसके साथ ही जयपुर एसएमई सतर्कता श्री केसी गोयल द्वारा कार्यवाही की जा रही है। उदयपुर में अतिरिक्त निदेशक श्री महेश माथुर के नेतृत्व में कार्यवाही की जा रही है। इसी तरह से प्रदेश के अन्य स्थानों पर कार्यवाही जारी है।
Disclaimer : All the information on this website is published in good faith and for general information purpose only. www.newsagencyindia.com does not make any warranties about the completeness, reliability and accuracy of this information. Any action you take upon the information you find on this website www.newsagencyindia.com , is strictly at your own risk

https://play.google.com/store/apps/details?id=com.wincompete&hl=en