उदयपुर में राम मंदिर शिलान्यास का दिन बना दीपावली उत्सव जैसा !
आज 5 अगस्त का दिन ऐतिहासिक बनने के साथ ही राष्ट्रीय पर्व जैसा दिन भी बन गया। देश विदेश में बसे सभी भारतीयों ने आज का दिन दीपावली उत्सव की तरह दीप प्रज्वलित कर मनाया। उमंग, आनंद और उत्सव हर हृदय में हिलोरें मार रहा था ,कारण था आज 500 वर्षों का इंतजार खत्म हुआ और राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण का शिलान्यास / भूमिपूजन माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के शुभ कर कमलों द्वारा हुआ।
राम वो नाम है जो भक्ति का, सत्य का, आदर्शो का, पितृ भक्ति का, प्रतिबद्धता का, वचन पालन का, भार्या प्रेम का, वीरता का, साहस का, पर्याय है।
राम वो नाम है जो अंत समय मे दशानन रावण ने भी अपनी मुक्ति के लिये लिया, राम वो नाम है जिसने राम सेतु के पत्थरों को भी समुद्र में तैरा दिया। राम वो नाम है जो संकट मोचन , पवन पुत्र, सर्वाधिक शक्तिशाली हनुमानजी को भी प्रिय है।
कभी भी किसी भी देश या राज्य की नैतिकता पूर्ण राजनीति की तुलना राम राज्य से ही की जाती है। राम ने प्रजा के लिये जो किया वो करना अत्यंत ही दुष्कर है।
राम जन्मभूमि पर इतिहास की गलतियों को सुधार कर, लाखों महापुरुषों के प्राणों के बलिदान को सार्थक कर मंदिर निर्माण वो शुभ कार्य है जो मन को प्रफुल्लित कर रहा है। हम भाग्यशाली है जो इस पुनीत अवसर के साक्षी है।
5 अगस्त के दिन राजस्थान के उदयपुर में भी अयोध्या सी झलकियां देखने को मिली। आज शहर के लगभग सभी चौराहों को, घरों को, सारे शहर को रोशनी द्वारा, दीप प्रज्वलित कर सजाया गया, दिनभर आतिशबाजी की गूंज दूर तक सुनाई दी, आज ऐसा लगा मानो शहर दीपावाली मना रहा हो। आज का शुभ दिन शहर के लिये, हमेशा के लिये यादगार बन गया। आज सभी राजनीतिक दलों और धार्मिक संगठनों ने भी शहर वासियों के साथ मिलकर आनंद के साथ मंदिर शिलान्यास को पर्व के रूप में मनाया।
लेखक : जयवंत भैरविया