ट्रम्प के दिल्ली आगमन पर CAA विरोध से हिंसा की साजिश,हेड कॉन्स्टेबल समेत 4 नागरिकों की मौत !
नागरिकता संशोधन कानून यानी सीएए के मुद्दे पर उत्तर-पूर्व दिल्ली में सोमवार को लगातार दूसरे दिन हिंसा हुई। जाफराबाद और मौजपुर इलाके में सीएए विरोधी और समर्थक गुटों के बीच झड़प में कुल पांच लोगों की मौत हो गई। सिर पर पत्थर लगने से हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल की जान चली गई। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, हिंसा में 4 नागरिकों की भी मौत हुई है। हिंसा में शहादरा के डीसीपी अमित शर्मा, एसीपी अनुज कुमार समेत 10 जवान घायल हुए हैं।। उपद्रवियों ने कई जगहों पर गाड़ियों में आग लगा दी। भजनपुरा में पेट्रोल पंप भी फूंक दिया। जाफराबाद में उपद्रवियों ने खुलेआम पिस्तौल लहराई और फायरिंग की। खजूरी खास में पुलिस खुद भी उपद्रवियों पर पथराव करती नजर आई। रविवार शाम को इस इलाके में पहली बार तब हिंसा भड़की थी, जब भाजपा नेता कपिल मिश्रा एक सड़क खुलवाने पहुंचे थे।
लगातार दो दिन हुई हिंसा के बाद सोमवार शाम को उत्तर-पूर्व दिल्ली में सीआरपीएफ की 8 कंपनियां तैनात कर दी गई हैं। डीएमआरसी ने एहतियातन 9 मेट्रो स्टेशन जाफराबाद, मौजपुर-बाबरपुर, गोकुलपुरी, जोहरी एन्क्लेव, शिव विहार, उद्योग भवन, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और जनपथ मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए । जिस इलाके में हिंसा भड़की है, वह चाणक्यपुरी से करीब 20 किमी की दूरी पर है, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ठहरे हैं। हिंसा के बाद गृह मंत्री अमित शाह को दिल्ली के हालात का जायजा लेने के लिए आपात बैठक बुलानी पड़ी।
सीएए विरोधी और समर्थक एक किमी की दूरी पर डटे, 24 घंटे में दो बार झड़प हुई
उत्तर-पूर्वी दिल्ली में टकराव की शुरुआत शनिवार शाम से हुई थी, जब जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के नीचे की सड़क पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटने लगे। इनमें ज्यादातर महिलाएं थीं। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शाहीन बाग की तरह हम यहां से भी नहीं हटने वाले। लेकिन पुलिस वहां से तिरपाल और तख्त उठाकर ले गई थी। पूर्वी दिल्ली के मौजपुर में भी प्रदर्शनकारियों ने एक सड़क बंद कर रखी थी। रविवार को यहां पहली बार हिंसा भड़की। विवाद तब शुरू हुआ, जब भाजपा नेता कपिल मिश्रा अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंचे और सड़क खुलवाने की मांग काे लेकर सड़क पर बैठकर हनुमान चालीसा पढ़ने लगे।
सोमवार सुबह से मौजपुर चौराहे पर मंदिर के सामने महिलाएं नागरिकता कानून के समर्थन में सड़क पर बैठ गईं। दूसरी तरफ इस कानून के विरोध में प्रदर्शनकारी आमने-सामने हो गए। इसके बाद वहां माहौल भड़क गया और पत्थरबाजी शुरू हो गई। पथराव करने वाले लोग नकाब पहने हुए थे। इसके बाद हालात बेकाबू होते चले गए। वजीराबाद रोड पर प्रदर्शनकारियों ने कई गाड़ियों में आग लगा दी। जाफराबाद रोड पर उपद्रवियों ने फायरिंग की। सरेआम पिस्टल और तलवारें लहराईं। उनके सामने पुलिस बेबस नजर आई। भजनपुरा में पेट्रोल पंप में आग लगा दी। यहीं पर सिर पर लगे पत्थर से हेड कांस्टेबल रतनलाल की मौत हो गई। हिंसा के दौरान शाहदरा डीसीपी की गाड़ी में भी आग लगा दी गई। दिनभर चली हिंसा में 10 से पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
पुलिस ने मौजपुर, कर्दमपुरी, चांद बाग, भजनपुरा और दयालपुर समेत 10 इलाकों में धारा 144 लगा दी है। पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक खुद कंट्रोल रूम से स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि अपने घरों में रहें और अफवाहों पर ध्यान न दें। गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प के दिल्ली दौरे के मद्देनजर हिंसक झड़प के बाद स्थिति पर नजर रखी जा रही है। केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा कि इलाके में भारी पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात है। उन्होंने स्थिति नियंत्रण में होने का दावा किया।
हिंसा के चलते उत्तर पूर्वी दिल्ली में सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद कर दिया गया है, वहीं बोर्ड परीक्षाएं भी टाली जाएंगी। दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा- हालात को देखते हुए बोर्ड परीक्षाओं की तारीख आगे बढ़ाई जाएगी। इस बारे में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल से चर्चा कर ली गई है।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किशन रेड्डी ने कहा- ट्रम्प के दौरे के समय हिंसा होना बड़ी साजिश की तरफ इशारा कर रहा है। गृह मंत्रालय लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कांग्रेस और सीएए विरोधियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और सीएए विरोधियों को इस पर जवाब देना चाहिए।