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Current News / अवैध बजरी खनन व परिवहन के 36 हजार 602 मामलों में 229 करोड़ का जुर्माना वसूल,बजरी समस्या समाधान के प्रति सरकार गंभीर -खान मंत्री

clean-udaipur अवैध बजरी खनन व परिवहन के 36 हजार 602 मामलों में 229 करोड़ का जुर्माना वसूल,बजरी समस्या समाधान के प्रति सरकार गंभीर -खान मंत्री
News Agency India July 02, 2021 02:56 AM IST

अवैध बजरी खनन व परिवहन के 36 हजार 602 मामलों में 229 करोड़ का जुर्माना वसूल,बजरी समस्या समाधान के प्रति सरकार गंभीर -खान मंत्री

जयपुर, 20 जुलाई। राज्य में अवैध बजरी खनन व परिवहन पर प्रभावी कार्यवाही करते हुए 36 हजार 602 प्रकरण दर्ज कर 229 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वसूल की गई है। माइंस एवं पेट्रोलियम मंत्री प्रमोद जैन भाया ने बताया कि माइंस विभाग द्वारा पुलिस में 3295 एफआईआर कराने के साथ ही 37 हजार 445 वाहनों, मशीनों व उपकरणों की जब्ती की है। रवन्नाओं के दुरुपयोग व अवैध बजरी खनन व परिवहन के दुरुपयोग के मामलों में खनन पट्टे खंडित करने जैसे सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

मंत्री भाया ने बताया कि मई, 2021 में भीलवाड़ा व जालौर जिलों में तीन खनन लाइसेंस जारी करने से बजरी समस्या के समाधान की राह खुली है, इससे प्रदेश की बजरी की कुल मांग की लगभग दस प्रतिशत आपूर्ति हो सकेगी। विभाग द्वारा पांच अन्य लाइसेंस जारी करने के प्रयास जारी हैं। बीकानेर में पेलियो चेनल्स में पूर्व में स्वीकृत 80 बजरी खनन पट्टोंं सहित राज्य में बजरी के 281 खनन पट्टे खातेदारी भूमि में प्रभावशील है। केन्द्र सरकार के स्तर पर वर्ष 2013 से बजरी खनन के 68 मामलें पर्यावरण अनुमति हेतु लंबित चल रहे हैं।

प्रमोद जैन भाया ने बताया कि बजरी खनन पर रोक से उत्पन्न समस्या के समाधान के लिए मेन्यूफैक्चर्ड सेंड को विकल्प के रुप में लेते हुए एम सेंंड नीति जारी की है जिससे प्रदेश में बजरी के विकल्प की उपलब्धता और ओवरबर्डन की समस्या के समाधान के साथ ही इस क्षेत्र में निवेश और रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। राज्य सरकार के विभागों व उपक्रमों के निर्माण कार्य में न्यूनतम 25 प्रतिशत एम सेंड के उपयोग के निर्देश जारी किए हैं जिससे एम सेंड को बढ़ावा मिलेगा।

एसीएस माइंस डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि केन्द्र सरकार की सेंड माइनिंग गाइडलाईंस, 2020 में नदियों से पांच किलोमीटर की दूरी तक खातेदारी भूमि में बजरी लीज के आवंटन पर रोक के कारण लाइसेंस जारी नहीं हो पा रहे हैं। केन्द्र से नदियों से पांच किमी के स्थान पर 45 मीटर की दूरी पश्चात् आवंटन अनुमत किए जाने का आग्रह किया है। बजरी की समस्या के समाधान को लेकर गंभीरता को इसी से समझा जा सकता है कि नदियों से बजरी खनन पर 16 नवंबर, 2017 से सुप्रीम कोर्ट की चली आ रही रोक के कारण सुप्रीम कोर्ट में भी राज्य के हितोें को प्रभावी तरीके से रखने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता को नियुक्त किया गया वहीं सेन्ट्रल एंपावर्ड कमेटी के राज्य के बजरी प्रभावित जिलों के दौरे के दौरान राज्य का पक्ष कारगर तरीके से रखा गया।

डॉ. अग्रवाल ने बतया कि पुलिस द्वारा भी एक जनवरी, 2021 से 31 मई, 2021 तक 1054 एफआईआर दर्ज कर 966 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इस दौरान अवैध परिवहन मेें लिप्त 1668 वाहन जब्त किए गए। इससे पहले वर्ष 2020 मेेंं 2114 एफआईआर दर्ज कर 2508 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 2843 वाहन जब्त किए गए। खान विभाग द्वारा अवैध बजरी खनन के संवेदनशील टोंक, सवाई माधोपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, जयपुर, धौलपुर, जोधपुर, बाड़मेर, जालौर, सिरोही व पाली जिलों में 15 अक्टूबर से 31 अक्टूबर, 2020 तक विशेष अभियान चला कर कार्यवाही की गई।

निदेशक माइंस केबी पण्ड्या ने बताया कि हाल ही में खातेदारी भूमि में पट्टाधारियों द्वारा रवन्नाओं के दुरुपयोग और नदियों से अवैध बजरी खनन के मामलों में नागौर जिले में 12 पट्टाधारियाें पर कार्यवाही करते हुए 8 करोड़ 67 लाख रुपये, भीलवाडा में एक खनन पट्टाधारी पर कार्यवाही करते हुए 3 करोड़ 37 लाख रुपये, जालौर में 2 पर कार्यवाही करते हुए 5 करोड़ 14 लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए खनन पट्टे खण्डित करने की कार्यवाही शुरु की गई है। इसी तरह से नागौर जिले के गोटन क्षेत्र में ड्रोन सर्वे कराकर 42 पट्टाधारियों पर रवन्ना दुरुपयोग के मामलों मं 30 करोड़ 25 लाख रुपये का जुर्माना वसूली की कार्यवाही जारी है। उन्होंने बताया कि इसी तरह से अन्य क्षेत्रों में सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।

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